Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/mhonecpanel/public_html/news.mhone.in/wp-includes/functions.php on line 6131
UP News: नोएडा हादसे पर CM योगी ने लिया संज्ञान, 3 सदस्यीय SIT गठित, नोएडा अथॉरिटी CEO हटाए गए
Monday, February 9, 2026
Google search engine
HomeCurrent NewsUP News: नोएडा हादसे पर CM योगी ने लिया संज्ञान, 3 सदस्यीय...

UP News: नोएडा हादसे पर CM योगी ने लिया संज्ञान, 3 सदस्यीय SIT गठित, नोएडा अथॉरिटी CEO हटाए गए

दिल्ली से सटे नोएडा के सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे प्रकरण का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जो पांच दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी। साथ ही नोएडा अथॉरिटी के सीईओ एम. लोकेश को पद से हटा दिया गया है।

SIT का गठन, बड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी

जानकारी के मुताबिक, मेरठ मंडलायुक्त की अगुवाई में गठित SIT में एडीजी जोन मेरठ और लोक निर्माण विभाग (PWD) के चीफ इंजीनियर को शामिल किया गया है। यह टीम हादसे के कारणों, जिम्मेदार अधिकारियों, निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों और ट्रैफिक मैनेजमेंट में हुई चूक की गहन जांच करेगी।

इससे पहले प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए नोएडा ट्रैफिक सेल के जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। वहीं सेक्टर-150 और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

कंस्ट्रक्शन साइट्स की सुरक्षा पर सख्ती

नोएडा अथॉरिटी ने बताया कि डेवलपर ‘लोटस’ के अलॉटमेंट और निर्माण गतिविधियों को लेकर संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही साइट पर मौजूद सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं। अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा नियमों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों का दोबारा निरीक्षण करने को कहा गया है।

हादसा कैसे हुआ?

यह पूरा मामला सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत से जुड़ा है। युवराज, टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी के निवासी थे और गुरुग्राम की एक कंपनी में कार्यरत थे। शनिवार तड़के घने कोहरे के बीच घर लौटते समय उनकी कार सेक्टर-150 में एक अंडर-कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग के बेसमेंट के लिए खोदे गए 20 फीट से अधिक गहरे, पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। हादसे के बाद फायर डिपार्टमेंट, SDRF, NDRF और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसके बाद युवराज का शव बरामद किया गया।

बचाव में देरी के आरोप, पुलिस का जवाब

इस घटना के बाद बचाव कार्य में देरी और लापरवाही के आरोप भी सामने आए। एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस (कानून-व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्रा ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और बचाव के लिए हर संभव प्रयास किए गए, लेकिन घना कोहरा और शून्य दृश्यता (Zero Visibility) के कारण अभियान में कठिनाइयां आईं। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

स्थानीय लोगों का विरोध

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि घटनास्थल पर न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग थी और न ही रिफ्लेक्टर लगाए गए थे। विरोध के बाद प्रशासन ने मौके पर बैरिकेड्स लगवाए हैं।

आगे क्या?

फिलहाल सभी की नजरें SIT की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि इस दर्दनाक हादसे के लिए आखिरकार कौन-कौन जिम्मेदार हैं और आगे **क्या सख्त कार्रवाई होती है। यह मामला नोएडा में निर्माण स्थलों की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर एक अहम परीक्षा बन गया है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments