Monday, February 9, 2026
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ट्रंप की ईरान को चेतावनी, ‘हम ऐसी जगह मारेंगे जहां सबसे ज्यादा दर्द होगा’

ईरान में पिछले दो हफ्तों से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। महंगाई, बेरोजगारी और मुद्रा में तेज गिरावट के खिलाफ शुरू हुए ये प्रदर्शन अब देशभर में फैल चुके हैं। कई शहरों में हालात हिंसक हो गए हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी शासन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर प्रदर्शनकारियों की हत्या या दमन की कोशिश की गई तो इसके “भयंकर परिणाम” होंगे।

दो हफ्तों से उबल रहा है ईरान

ईरान में आर्थिक संकट के चलते जनता का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। बढ़ती महंगाई, कमजोर होती करेंसी और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों में इजाफे ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। प्रदर्शन केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि छोटे शहरों और कस्बों तक फैल गए हैं। कई जगह सरकारी इमारतों और प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचने की खबरें भी सामने आई हैं।

हम हालात पर बारीकी से नजर रख रहे हैं: ट्रंप

ईरान में जारी उथल-पुथल पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा,
“ईरान बड़ी मुसीबत में है। लोग ऐसे शहरों पर कब्जा कर रहे हैं, जिनके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था। हम स्थिति पर बहुत बारीकी से नजर रख रहे हैं।” ट्रंप ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर ईरानी सरकार ने पहले की तरह प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलानी शुरू कीं या उन्हें मारने की कोशिश की, तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा।

‘जहां सबसे ज्यादा दर्द होगा, वहीं करारा प्रहार करेंगे’

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “अगर ईरान की सरकार लोगों को मारना शुरू करती है तो हम दखल देंगे। हम उन्हें वहीं करारा प्रहार करेंगे, जहां उन्हें सबसे ज्यादा दर्द होगा।” इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

बराक ओबामा पर साधा निशाना

ट्रंप ने इस मुद्दे पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि ओबामा के कार्यकाल में ऐसे मौके आए जब अमेरिका पूरी तरह पीछे हट गया और ईरानी सरकार ने अपने ही लोगों के साथ बुरा व्यवहार किया। ट्रंप ने कहा, “अब ईरान उसी का खामियाजा भुगत रहा है। हम इस बार चुप नहीं बैठेंगे।”

खामेनेई की सख्त चेतावनी

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने शुक्रवार (9 जनवरी) को राष्ट्र के नाम संदेश में विरोध प्रदर्शनों को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि
“इस्लामिक गणराज्य किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा।” खामेनेई ने आरोप लगाया कि ये प्रदर्शन विदेशी ताकतों के इशारे पर कराए जा रहे हैं, जिनका मकसद ईरान के इस्लामी शासन को अस्थिर करना है।

इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय कॉल पर पाबंदी

हालात को काबू में करने के लिए ईरान सरकार ने कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं सीमित कर दी हैं। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय फोन कॉल पर भी रोक लगाई गई है, ताकि प्रदर्शनकारियों के बीच आपसी संपर्क और बाहरी समर्थन को रोका जा सके।

अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ने के संकेत

ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों, अमेरिकी राष्ट्रपति की धमकी और खामेनेई की सख्त चेतावनी के बीच हालात तेजी से गंभीर होते जा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि अगर हालात काबू में नहीं आए, तो यह संकट सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर पूरे पश्चिम एशिया और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पड़ सकता है।

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