Saturday, February 7, 2026
Google search engine
HomeCurrent Newsपूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी का निधन, 82 वर्ष की उम्र में...

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी का निधन, 82 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पुणे से पूर्व सांसद सुरेश कलमाड़ी का मंगलवार तड़के निधन हो गया। वे 82 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे। परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, सुरेश कलमाड़ी ने मंगलवार सुबह करीब 3:30 बजे पुणे में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार का कार्यक्रम

सुरेश कलमाड़ी का पार्थिव शरीर मंगलवार, 6 जनवरी को दोपहर 2:00 बजे तक पुणे के एरंडवणे स्थित कलमाड़ी हाउस में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। सके बाद उनका अंतिम संस्कार दोपहर 3:30 बजे पुणे के नवी पेठ स्थित वैकुंठ श्मशानभूमि में किया जाएगा।

लंबी बीमारी से थे पीड़ित

परिवार के करीबी सूत्रों के मुताबिक, सुरेश कलमाड़ी पिछले काफी समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित थे और उनका इलाज चल रहा था। उम्र और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते वे लंबे समय से सार्वजनिक जीवन से दूर थे।

राजनीति में लंबा सफर

सुरेश कलमाड़ी कांग्रेस के एक कद्दावर नेता रहे। वे महाराष्ट्र के पुणे से कई बार सांसद चुने गए और केंद्र सरकार में रेल मंत्रालय में राज्य मंत्री भी रह चुके थे। अपने राजनीतिक करियर के दौरान उन्होंने पुणे के विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। हालांकि, बीते कुछ वर्षों से वे सक्रिय राजनीति से दूर थे।

कॉमनवेल्थ गेम्स विवाद से जुड़ा नाम

सुरेश कलमाड़ी का नाम 2010 के दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन को लेकर हुए विवादों में प्रमुख रूप से सामने आया था। उन पर खेल आयोजन के दौरान ठेकों के आवंटन में भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे थे। इस मामले में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था और उनके खिलाफ आपराधिक साजिश सहित कई धाराओं में मुकदमा चला।

खेल प्रशासक के रूप में भी अहम भूमिका

राजनीति के अलावा सुरेश कलमाड़ी खेल प्रशासन में भी एक बड़ा नाम रहे। वे लंबे समय तक भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अध्यक्ष रहे और अंतरराष्ट्रीय खेल संगठनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनके कार्यकाल को लेकर जहां एक ओर उपलब्धियों की चर्चा हुई, वहीं दूसरी ओर विवाद भी जुड़े रहे।

शोक संदेशों का सिलसिला

उनके निधन पर कांग्रेस नेताओं, राजनीतिक दलों और खेल जगत से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त किया है। कई नेताओं ने उन्हें एक अनुभवी राजनेता और प्रभावशाली जनप्रतिनिधि के रूप में याद किया। सुरेश कलमाड़ी के निधन के साथ ही भारतीय राजनीति और खेल प्रशासन का एक विवादास्पद लेकिन महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments