बांग्लादेश में पिछले कुछ हफ्तों से अल्पसंख्यकों के ऊपर हमला बढ़ गया है। बीते बुधवार 31 दिसंबर को फिर एक बार हिंदुओं के खिलाफ हिंसा हुई है। शरीयतपुर इलाके में कारोबारी खोकन चंद्र दास, जिनकी उम्र 40 वर्ष है। उनके ऊपर अज्ञात भीड़ ने जानलेवा हमला कर दिया। पहले हमलावरों ने उन्हें बेरहमी से पीटा, फिर धारदार हथियारों से वार किए और उसके बाद उनके शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की। हालांकि उन्होंने तालाब में कूदकर अपनी जान बचाई थी।
तालाब में कूदकर बचाई थी जान
आग की लपटों से बचने के लिए खोकन चंद्र ने पास के तालाब में छलांग लगाई और किसी तरह अपनी जान बचाई। बाद में स्थानीय लोगों ने उन्हें गंभीर हालत में बाहर निकाला और शरियतपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज हो रहा है। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में दशहत का माहौल है।
ढाका अस्पताल में खोकन चंद्र दास की हुई मौत
खोकन चंद्र दास की तबीयत और बिगड़ने पर उन्हें ढाका के अस्पाताल में रेफर किया गया था। जहां उनकी शुक्रवार 2 जनवरी 2026 को इलाज के दौरान मौत हो गई। फिलहाल परिवार के लोगों के बीच दुख का माहौल है।
फार्मेसी के मालिक थे चंद्र दास
खोकन चंद्र दास के पिता का नाम परेश चंद है। यह दामुद्या के केउरभंगा बाजार में फार्मेसी के मालिक हैं। बुधवार रात करीब 9 बजे वे दुकान बंद करके घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में बदमाशों के गिरोह ने उन पर हमला किया।
दो हफ्तों में चौथी हिंसक घटना
बता दें कि बीते दो हफ्तों में यह बांग्लादेश में हिंदुओं पर चौथा बड़ा हमला है। इससे पहले 18 दिसंबर 2025 को दीपू चंद्र दास की भीड़ ने हत्या कर दी और शव को पेड़ से बांधकर जला दिया। इसके बाद दूसरी घटना 25 दिसंबर 2025 को हुई, जब अमृत मंडल की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। बाद में सरकार ने बयान जारी कर कहा कि वह “क्रिमिनल” था और उगाही के चलते घटना हुई। तीसरी घटना 29 दिसंबर 2025 की है, जब मेहराबारी इलाके में सुरक्षा ड्यूटी के दौरान बजेंद्र बिस्वास की गोली लगने से मौत हुई। आरोपी नोमान मिया ने कहा कि उसने “मजाक में गोली चला दी थी। चौथी घटना 31 दिसंबर 2025 की है, जब खोकन चंद्र दास पर पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश की गई।



