Sunday, February 8, 2026
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ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को भारी नुकसान, डिप्टी PM इशाक डार का कबूलनामा

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को कितना बड़ा नुकसान हुआ, इसका खुलासा खुद पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के बयान से हुआ है। साल के अंत में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डार ने स्वीकार किया कि भारत ने महज 36 घंटों में कम से कम 80 ड्रोन पाकिस्तान की सीमा में दागे थे। उन्होंने यह भी माना कि इन हमलों में रावलपिंडी स्थित पाकिस्तान वायुसेना का अहम ठिकाना नूर खान एयरबेस क्षतिग्रस्त हुआ और वहां तैनात कुछ जवान घायल हुए। इशाक डार ने कहा कि भारतीय ड्रोन बहुत कम समय में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी क्षेत्र में दाखिल हुए। उनके अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने 79 ड्रोन को रोक लिया, लेकिन एक ड्रोन सैन्य ठिकाने से टकरा गया, जिससे नुकसान हुआ।

डार ने यह भी बताया कि 9 मई की रात प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व में पाकिस्तान के नागरिक और सैन्य नेतृत्व की आपात बैठक हुई थी, जिसमें हमलों के बाद की स्थिति पर चर्चा की गई और कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। उन्होंने दावा किया कि 10 मई को भारत द्वारा नूर खान एयरबेस को निशाना बनाया गया, जिसे उन्होंने “गलती” बताया।

नूर खान एयरबेस समेत 11 ठिकाने बने निशाना

नूर खान एयरबेस रावलपिंडी में स्थित पाकिस्तान वायुसेना का एक प्रमुख और संवेदनशील ठिकाना है। यह उन 11 एयरबेस में शामिल था, जिन्हें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय हमलों में निशाना बनाया गया। इनमें सरगोधा, रफीकी, जैकोबाबाद और मुरीद जैसे एयरबेस भी शामिल बताए जाते हैं।

ऑपरेशन सिंदूर क्या है?

भारतीय सेना ने 7 मई की सुबह ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की थी। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने पाकिस्तान और पीओके में स्थित 9 आतंकी ठिकानों के साथ-साथ कई सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया था।

भारतीय पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल ने डार के दावों को बताया भ्रामक

पाकिस्तानी डिप्टी पीएम के बयान पर भारतीय सेना के सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इशाक डार के दावों को खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तान वास्तविक नुकसान को कम करके दिखा रहा है। ढिल्लों के मुताबिक, तबाही का स्तर पाकिस्तान के आधिकारिक बयानों से कहीं अधिक था। उन्होंने पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए बताया कि एक न्यूज चैनल पर 138 लोगों को मरणोपरांत वीरता सम्मान दिए जाने की जानकारी सामने आई थी, जो इस बात की ओर इशारा करती है कि हताहतों की संख्या आधिकारिक आंकड़ों से कहीं ज्यादा थी।

वीडियो और सैटेलाइट तस्वीरों से भी नुकसान की पुष्टि

ढिल्लों ने कहा कि पाकिस्तानी नागरिकों द्वारा जारी वीडियो में नूर खान एयरबेस में आग और भारी क्षति साफ दिखाई देती है। उन्होंने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान निशाना बनाए गए सभी 11 एयरबेस को गंभीर नुकसान पहुंचा। नूर खान एयरबेस पर हमले की पुष्टि सबसे पहले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने की थी। इसके अलावा, उनके सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने भी माना था कि पाकिस्तान के पास केवल 30 से 45 सेकंड का समय था यह तय करने के लिए कि भारत की ओर से दागी गई मिसाइल में परमाणु हथियार था या नहीं।

मई में सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों में भी नूर खान, सरगोधा के मुशफ, भोलाड़ी और जैकोबाबाद स्थित शाहबाज एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचने के संकेत मिले थे। पाकिस्तान ने 10 मई को यह स्वीकार किया था कि भारतीय मिसाइलों और ड्रोन हमलों में उसके कम से कम तीन एयरबेस निशाना बने।

यह भी पढ़ें : हम चीनी नहीं, भारतीय हैं’ देहरादून में नस्लीय हिंसा का शिकार हुए…

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