रिटायर्ड इंस्पेक्टर जनरल (IG) अमर सिंह चहल से जुड़े बहु-करोड़ रुपये के साइबर ठगी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अब तक करीब 25 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है, जिससे कुल 8.10 करोड़ रुपये की ठगी में से लगभग 3 करोड़ रुपये के लेनदेन को रोका जा सका है।
प्रारंभिक जांच में इस साइबर फ्रॉड नेटवर्क के तार महाराष्ट्र से जुड़े होने की पुष्टि हुई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मुख्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें पकड़ने के लिए विशेष जांच टीमें तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रेल के आधार पर लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
IG का बयान दर्ज होना बाकी
फिलहाल अमर सिंह चहल का बयान दर्ज नहीं किया जा सका है। पुलिस का कहना है कि डॉक्टरों की अनुमति मिलने के बाद रविवार को अस्पताल में ही उनका बयान लिया जा सकता है। अधिकारियों को उम्मीद है कि बयान के बाद जांच में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
महाराष्ट्र से जुड़े तीन मुख्य आरोपियों की हुई पहचान
जांच एजेंसियों ने तीन प्रमुख आरोपियों की पहचान की है, जिनका संबंध महाराष्ट्र से बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, ठगों ने रिटायर्ड IG के खाते से रकम निकालकर उसे कई अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया, ताकि पैसे की ट्रैकिंग मुश्किल हो सके।
पटियाला पुलिस ने बैंकिंग और तकनीकी जांच के आधार पर संबंधित बैंकों से समन्वय कर खातों को समय रहते फ्रीज कराया, जिससे बड़ी राशि को सुरक्षित किया जा सका।
10 से अधिक लोगों की भूमिका की आशंका
पुलिस को ऐसे संकेत भी मिले हैं कि इस पूरे साइबर ठगी नेटवर्क में कम से कम 10 लोगों की संलिप्तता हो सकती है। आरोप है कि ठग शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर लोगों को फंसाते थे।
फर्जी पहचान के साथ ठगी को दिया अंजाम
जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी नामों और पहचान का इस्तेमाल कर रहे थे। वे अलग-अलग मोबाइल नंबर, बैंक खाते और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे। यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस गिरोह ने अन्य राज्यों में भी लोगों को अपना शिकार बनाया है।
बैंक CEO बनकर दिया झांसा
प्रारंभिक जांच के अनुसार, अमर सिंह चहल से संपर्क करने वाले व्यक्ति ने खुद को “रजत वर्मा” बताते हुए एक निजी बैंक का मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO होने का दावा किया था। इसी भरोसे में आकर चहल ने बड़ी रकम निवेश की, जो बाद में साइबर ठगी निकली।
ठगी के बाद IG ने खुद को मारी थी गोली
ठगी का पता चलने के बाद अमर सिंह चहल ने एक गंभीर कदम उठा लिया था, हालांकि वे बच गए। घटना के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार अब उनकी हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। आने वाले दिनों में उनके पूरी तरह स्वस्थ होने की संभावना जताई जा रही है।



