Sunday, February 8, 2026
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आतंकवादियों को गोली पीड़ित परिवारों को नौकरी – LG मनोज सिन्हा

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करने के सरकार के संकल्प को एक बार फिर दोहराया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम के खिलाफ सख्त लड़ाई लड़ते हुए आतंकवाद से प्रभावित परिवारों को न्याय, नौकरी और सम्मान दिलाने के अपने कमिटमेंट से कभी पीछे नहीं हटेगा।

शनिवार, 13 दिसंबर, को श्रीनगर के लोक भवन ऑडिटोरियम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान LG मनोज सिन्हा ने आतंकवाद का शिकार हुए परिवारों के सदस्यों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार आतंक के असली पीड़ितों को उनका हक दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसमें किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

“हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है सरकार”

LG मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार हर आतंक प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और हर संभव तरीके से उनकी मदद करती रहेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन किसी भी पीड़ित परिवार को अकेला नहीं छोड़ेगा और पुनर्वास की प्रक्रिया को पूरी संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।

13 महीने पहले शुरू हुई थी पहल

LG ने बताया कि आतंकवाद से प्रभावित परिवारों को सरकारी नौकरी देने की यह पहल करीब 13 महीने पहले शुरू की गई थी। उस समय कश्मीर संभाग के कुछ पीड़ित परिवार उनसे मिले थे और उन्होंने अपने दर्दनाक अनुभव साझा किए थे। मनोज सिन्हा ने कहा – “उन परिवारों की कहानियों ने मुझे भीतर तक झकझोर दिया। तभी हमने यह फैसला किया कि असली पीड़ितों की पहचान कर उन्हें सम्मानजनक सरकारी नौकरी दी जाएगी, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।”

पिछली सरकारों पर तीखा हमला

अपने संबोधन में LG मनोज सिन्हा ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले आतंकवाद के असली शिकार लोगों को नजरअंदाज किया गया, जबकि आतंकियों का महिमामंडन किया जाता रहा। उन्होंने कहा – “यह एक दर्दनाक सच्चाई है कि कभी आतंकियों के जनाज़ों को बड़ा दिखाया गया, लेकिन असली पीड़ितों को भुला दिया गया। हम इस नाइंसाफी को आगे नहीं चलने देंगे।” उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग आज भी आतंकवाद को सही ठहराने या उसे बढ़ावा देने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सैकड़ों परिवारों को मिल चुकी है सरकारी नौकरी

LG ने जानकारी दी कि शनिवार के कार्यक्रम में कश्मीर संभाग के 39 परिवारों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इससे पहले जम्मू संभाग के 41 आतंक प्रभावित परिवारों को भी नौकरी दी जा चुकी है। इसके अलावा हाल ही में हुए नौगाम ब्लास्ट से प्रभावित 9 परिवारों को भी जॉब लेटर सौंपे गए हैं। उन्होंने बताया कि इस साल अब तक 200 से अधिक आतंकवाद प्रभावित परिवारों के सदस्यों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।

छीनी गई संपत्ति लौटाने का बड़ा ऐलान

LG मनोज सिन्हा ने एक अहम ऐलान करते हुए कहा कि आतंकवाद के वर्षों के दौरान पीड़ितों और उनके परिवारों से जो संपत्तियां छीनी गई थीं, उन्हें उनके असली मालिकों को वापस दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में FIR दर्ज नहीं हुई है, उनकी भी जांच की जाएगी और किसी भी योग्य परिवार को न्याय से वंचित नहीं किया जाएगा।

टेरर इकोसिस्टम पर सख्ती

LG ने कहा कि दशकों तक आतंकवाद से सच में प्रभावित लोग खामोशी से दर्द झेलते रहे, जबकि आतंक के इकोसिस्टम से जुड़े लोगों ने इसका फायदा उठाया।
उन्होंने बताया कि पिछले 5 वर्षों में आतंकवाद से जुड़े कई सरकारी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है और संस्थानों को आतंक के प्रभाव से मुक्त करने की प्रक्रिया लगातार जारी है। उन्होंने दो टूक कहा – “झूठ फैलाने, आतंकवाद की मदद करने और उसे सही ठहराने वाले हर व्यक्ति की पहचान कर उसे सजा दी जाएगी।”

आतंक मुक्त जम्मू-कश्मीर का संकल्प

अपने संबोधन के अंत में LG मनोज सिन्हा ने दोहराया कि प्रशासन जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद और उसके पूरे इकोसिस्टम से आज़ाद कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शांति बनाए रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को आतंकवाद की वजह से ऐसी पीड़ा न झेलनी पड़े। LG ने कहा – “यह सिर्फ सहायता नहीं है, यह उन परिवारों के बलिदान के प्रति हमारी श्रद्धांजलि है, जिन्होंने आतंकवाद की सबसे बड़ी कीमत चुकाई है।”

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