नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने लगातार रद्द हो रही इंडिगो की उड़ानों के बीच बुधवार को कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पीटर एल्बर्स को तलब किया है। सरकार एयरलाइन में चल रही व्यापक संचालन संबंधी अव्यवस्था को लेकर अब कड़ा रुख अपनाने की तैयारी में है। DGCA ने आदेश दिया है कि एल्बर्स गुरुवार दोपहर 3 बजे तक विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उपस्थित होकर स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट दें और कई अहम सवालों के जवाब पेश करें।
इंडिगो CEO की सामने आई प्रतिक्रिया
रिफंड के मुद्दे पर पीटर एल्बर्स ने कहा कि लाखों यात्रियों को उनका पूरा पैसा वापस किया जा चुका है, हालांकि उन्होंने इस दावे से जुड़े कोई आधिकारिक आंकड़े साझा नहीं किए। वहीं, अंतिम समय पर उड़ानें रद्द होने और देरी की भरपाई (कंपनसेशन) पर उन्होंने टिप्पणी करने से साफ इनकार किया। यात्री चार्टर के नियमों के मुताबिक, कुछ परिस्थितियों में एयरलाइंस को यात्रियों को मुआवजा देना अनिवार्य होता है।

सप्ताह की शुरुआत में किया था दावा
इंडिगो ने सप्ताह की शुरुआत में घोषणा की थी कि सभी उड़ानें सामान्य रूप से संचालित होंगी और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। इसके बावजूद अव्यवस्था बनी रही और बुधवार को बेंगलुरु से 61 उड़ानें एक ही दिन में रद्द कर दी गईं। मीडिया रिपोर्टों का कहना है कि इसी लापरवाही और अव्यवस्थित संचालन को देखते हुए DGCA ने CEO को समन जारी किया है और स्पष्टीकरण मांगा है।
उड़ानों में करनी पड़ी कटौती
सरकार द्वारा शीतकालीन शेड्यूल में 10% यानी लगभग 220 दैनिक उड़ानों में कटौती के आदेश के बाद छह बड़े शहरों से 460 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। इससे पहले DGCA ने 5% की कटौती लागू की थी, जिसके चलते करीब 115 उड़ानें कम की गई थीं।
आधिकारियों को दिए जांच के आदेश
10 दिसंबर को जारी औपचारिक आदेश में DGCA ने अपने अधिकारियों को 11 प्रमुख हवाई अड्डों पर तुरंत जाकर स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। इसमें सुरक्षा और परिचालन तैयारी, टर्मिनलों में भीड़ का स्तर, कतार व्यवस्था, कर्मचारियों की उपलब्धता, 24×7 हेल्प डेस्क पर स्टाफ की मौजूदगी, देरी/रद्दीकरण की समय पर सूचना और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता सहित कई पहलुओं की जांच शामिल है।
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