देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन इंडिगो एक सप्ताह तक चले भारी परिचालन संकट के बाद अब धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट रही है। लगातार उड़ानों के रद्द होने, भारी देरी और असुविधा से परेशान यात्रियों के बीच बुधवार (10 दिसंबर 2025) को कंपनी के चेयरमैन और गैर-कार्यकारी स्वतंत्र निदेशक विक्रम सिंह मेहता ने एक विस्तृत वीडियो संदेश जारी कर एयरलाइन की चूक स्वीकार की और सार्वजनिक माफी मांगी।
8 मिनट के वीडियो में मेहता ने साफ तौर पर माना कि इंडिगो अपने ग्राहकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। उन्होंने कहा कि यह घटना कंपनी के लिए “गंभीर सीख” है और भविष्य में ऐसी स्थिति न दोहराई जाए, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
3 दिसंबर से शुरू हुई अव्यवस्था, नेटवर्क हुआ चरमराया
मेहता ने बताया कि 3 दिसंबर से अचानक शुरू हुई उड़ान रद्दीकरण की श्रृंखला ने इंडिगो के पूरे नेटवर्क को प्रभावित कर दिया था। तकनीकी खराबियों, सर्दियों के नए शेड्यूल, खराब मौसम और एयर ट्रैफिक नेटवर्क में बढ़ी भीड़ इन सभी कारकों के एक साथ आने से संचालन अस्त-व्यस्त हो गया। उन्होंने कहा कि यात्रियों को जो परेशानी हुई, वह “कंपनी के मजबूत रिकॉर्ड पर एक दाग” की तरह है।
हालांकि अब स्थिति सामान्य हो चुकी है और एयरलाइन फिर से अपने नियमित शेड्यूल के अनुसार उड़ानें भर रही है।
पायलट नियमों से बचने के आरोपों पर चेयरमैन का करारा जवाब
सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया जा रहा था कि इंडिगो ने नए पायलट आराम समय (Flight Duty Time Limitations–FDTL) नियमों का पालन न करने के लिए जानबूझकर उड़ानें रद्द कीं। मेहता ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा- “इंडिगो ने जुलाई और नवंबर, दोनों चरणों में पायलट थकान नियमों का पूरी तरह पालन किया है। नियमों के उल्लंघन का दावा पूरी तरह गलत और निराधार है।”
इंडिगो ने बताए संकट के असली कारण
कंपनी के चेयरमैन के अनुसार, कई घटनाओं ने मिलकर एक साथ संकट उत्पन्न किया-
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कुछ विमानों में तकनीकी खराबियाँ
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सर्दियों के नए शेड्यूल का लागू होना
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कई शहरों में खराब मौसम
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देश के एयर ट्रैफिक नेटवर्क में गंभीर भीड़भाड़
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क्रू रोस्टरिंग से जुड़े नए नियम
इन कारकों की वजह से देश की सबसे बड़ी एयरलाइन का संचालन अस्थिर हो गया।
DGCA जांच जारी, इंडिगो ने बाहरी विशेषज्ञ भी जोड़े
मेहता ने बताया कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) इस पूरी घटना की जांच कर रहा है। इसके साथ ही इंडिगो ने भी बाहरी तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल करने का फैसला किया है, ताकि-वास्तविक कारणों की पहचान हो सके और भविष्य में ऐसे संकट से बचने के उपाय तैयार किए जा सकें उन्होंने बताया कि बोर्ड संकट के दौरान पूरी तरह सक्रिय रहा और नेटवर्क को स्थिर करने के लिए सीईओ पीटर एल्बर्स तथा अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ लगातार काम करता रहा।
संचालन सामान्य, लेकिन भरोसा वापस पाना चुनौती
चेयरमैन के मुताबिक, कंपनी अब सामान्य संचालन पर लौट चुकी है और-
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1,900 से अधिक उड़ानें
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138 गंतव्य
प्रतिदिन सामान्य रूप से संचालित किए जा रहे हैं। लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यात्रियों का भरोसा दोबारा जीतना आसान नहीं होगा।
मेहता ने कहा- “हमसे गलती हुई है। भरोसा शब्दों से नहीं, हमारे काम से वापस आएगा।” इस बीच इंडिगो ने X (पूर्व ट्विटर) पर भी कहा कि एयरलाइन के 65,000 कर्मचारी संचालन को पटरी पर लाने के लिए पूरी ताकत से काम कर रहे हैं और संकट प्रबंधन टीम रोजाना शीर्ष प्रबंधन के साथ बैठक कर रही है।



