केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने लोकसभा में इंडिगो संकट पर विस्तृत बयान देते हुए कहा कि सरकार इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। इंडिगो की उड़ानों में लगातार हो रही देरी और रद्दीकरण के कारण देशभर के एयरपोर्ट पर यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इससे एक दिन पहले वे राज्यसभा में भी इसी मुद्दे पर बोल चुके हैं।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने क्या कहा ?
नायडू के अनुसार सरकार DGCA और सभी आवश्यक स्टेकहोल्डर्स के साथ स्थिति की निरंतर समीक्षा कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस संकट में जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है। मंत्री ने कहा कि किसी भी एयरलाइन को, चाहे वह कितनी बड़ी क्यों न हो, नियमों की अनदेखी या प्लानिंग की चूक के चलते यात्रियों को परेशानी में डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इंडिगो संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नियम-कानून बनाने का उद्देश्य सिस्टम को बेहतर बनाना है, न कि आम लोगों के लिए कठिनाइयाँ पैदा करना। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रक्रिया का मकसद यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना होना चाहिए।
स्थिति सामान्य होने की ओर
उड्डयन मंत्री ने बताया कि इंडिगो की ओर से आने वाली बाधाएँ अब धीरे-धीरे स्थिर हो रही हैं और देश की अन्य सभी एयरलाइंस सामान्य रूप से संचालन कर रही हैं। देशभर के हवाई अड्डों से भीड़भाड़ या अव्यवस्था की कोई शिकायत नहीं मिली है। रिफंड, खोए सामान की खोज और यात्री सहायता जैसे सभी मुद्दों की निगरानी मंत्रालय खुद कर रहा है।
इंडिगो प्रबंधन को नोटिस और विस्तृत जांच शुरू
DGCA ने इंडिगो के वरिष्ठ नेतृत्व को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। साथ ही एक विस्तृत प्रवर्तन जांच शुरू की गई है। नायडू ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद “सख्त और उचित कार्रवाई” की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न पैदा हो।
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