जालंधर की सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने नगर निगम में 1196 नई भर्तियों को मंजूरी दे दी है, जिससे सफाई व्यवस्था को नया बल मिलेगा। इन नियुक्तियों में सफाई सेवक, सीवरमैन, माली और फिटर कुली जैसी श्रेणियां शामिल हैं। यह फैसला न सिर्फ जालंधर के लिए ऐतिहासिक है, बल्कि निगम कर्मचारियों की 30 साल पुरानी लंबित मांग को भी पूरा करता है।
नए कर्मचारियों का हुआ स्वागत
सोमवार को नगर निगम कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसकी अगुआई मेयर वनीत धीर ने की। इस दौरान यूनियन के प्रधान बंटू सभ्रवाल ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार और मेयर का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह फैसला शहर की सफाई व्यवस्था में जमीनी सुधार लेकर आएगा। मेयर धीर ने नए कर्मचारियों से कहा कि वे शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए पूरी निष्ठा से काम करें।
स्टाफ की कमी थी बड़ी चुनौती
नगर निगम यूनियन के प्रधान बंटू सभ्रवाल ने बताया कि पिछले कई वर्षों से शहर की सफाई व्यवस्था सफाई कर्मचारियों की भारी कमी से प्रभावित थी। उन्होंने कहा कि “पहले जालंधर में 50 वार्ड थे, जो अब बढ़कर 85 हो गए हैं। इसके अलावा 500 से ज्यादा नई कॉलोनियां भी विकसित हो चुकी हैं, लेकिन पिछले तीन दशकों में स्टाफ की भर्ती नहीं हुई।” इस वजह से निगम पर काम का बोझ लगातार बढ़ता गया और सफाई व्यवस्था बार-बार बाधित होती रही।
1995 से लंबित भर्ती को मिली हरी झंडी
बंटू सभ्रवाल ने बताया कि 1995 से लंबित भर्ती के मामलों को इस बार प्राथमिकता पर लिया गया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर कई बार चंडीगढ़ में बैठकें की गईं और मुख्यमंत्री कार्यालय से लगातार फॉलो-अप किया गया। हाल ही में मेयर वनीत धीर, सफाई यूनियन पंजाब के चेयरमैन चंदन ग्रेवाल और निगम कमिश्नर सदीप ऋषि की सक्रिय भूमिका के चलते यह प्रक्रिया पूरी हो सकी। इसके बाद लोकल गवर्नमेंट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने आधिकारिक मंजूरी जारी की।



