देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पिछले छह दिनों से गंभीर संकट का सामना कर रही है, जहां तकनीकी खराबी और स्टाफ की कमी के कारण सैकड़ों उड़ानें रद्द हुईं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, कंपनी ने रविवार शाम तक प्रभावित यात्रियों को कुल 610 करोड़ रुपये का रिफंड प्रोसेस कर दिया है ।
संकट की शुरुआत और प्रभाव
इंडिगो की उड़ानों में 5 दिसंबर को महज 706 उड़ानें संचालित हुईं, जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या बहुत अधिक रहती है। रविवार को यह आंकड़ा बढ़कर 1565 पहुंच गया और शाम तक 1650 तक पहुंचने की उम्मीद जताई गई । देशभर के प्रमुख एयरपोर्ट्स जैसे दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु पर हजारों यात्रियों को परेशानी हुई, जिसमें उड़ान रद्दीकरण, देरी और सामान गुम होने की शिकायतें प्रमुख रहीं ।
रिफंड और बैगेज डिलीवरी
सरकार के सख्त निर्देशों पर इंडिगो ने रविवार रात 8 बजे तक सभी रिफंड पूरा करने का लक्ष्य रखा, जिसमें 610 करोड़ रुपये शामिल हैं। शनिवार तक 3000 बैगेज यात्रियों तक पहुंचाए जा चुके हैं, और बाकी 48 घंटों में डिलीवर करने के आदेश हैं । कैंसिल उड़ानों के कारण रीशेड्यूलिंग पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा रहा, साथ ही विशेष सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं ।
सरकार की कार्रवाई
मंत्रालय ने सभी एयरलाइंस को रिफंड समय पर देने और किराए पर कैप लगाने के निर्देश दिए, जिससे घरेलू रूटों पर किराया सामान्य स्तर पर लौट आया। इंडिगो के सीईओ ने कर्मचारियों को संदेश भेजकर हौसला बढ़ाया और यात्रियों से माफी मांगी । अन्य एयरलाइंस पूरी क्षमता से संचालित हो रही हैं, जबकि इंडिगो धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है ।



