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रूस–भारत संबंध: पहली बार रूस ने भारत से क्या मांगा था? दो चीजों ने रखी दोस्ती की नींव
Sunday, February 8, 2026
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रूस–भारत संबंध: पहली बार रूस ने भारत से क्या मांगा था? दो चीजों ने रखी दोस्ती की नींव

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 और 5 दिसंबर को भारत दौरे पर हैं। इस ऐतिहासिक मुलाकात पर दुनिया की नजरें टिकी हैं, खासकर अमेरिका भी इस बैठक पर करीबी नजर रखे हुए है। उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच कई अहम डील्स पर सहमति बन सकती है। फिलहाल भारत और रूस का व्यापार 68 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि रूस ने भारत से पहली बार क्या आयात किया था?

दो देशों के बीच बढ़ता व्यापार

वित्त वर्ष 2025–26 के आंकड़ों के मुताबिक भारत और रूस के बीच कच्चा तेल, फर्टिलाइजर, मिनरल, कीमती पत्थर, वनस्पति तेल, दवाएं, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और रक्षा उत्पादों सहित कई वस्तुओं का कारोबार होता है। पिछले 5 सालों में दोनों देशों के बीच व्यापार पाँच गुना बढ़ चुका है—2021 के 13 अरब डॉलर से बढ़कर 2024–25 में यह 68 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।

रूस ने भारत से पहली बार क्या मंगाया था?

भारत और रूस के व्यापारिक संबंध बेहद पुराने हैं। 16वीं और 17वीं शताब्दी के दौरान रूस ने भारत से सबसे पहले जिन वस्तुओं का आयात किया, वे दो प्रमुख श्रेणियों में थीं:

  1. मसाले
  2. काली मिर्च
  3. इलायची, दालचीनी जैसे अन्य मसाले
  4. लक्ज़री कपड़े
  5. रेशमी वस्त्र
  6. सूती कपड़े
  7. नील

कीमती पत्थर व आभूषण

ये भारतीय उत्पाद रूस में बेहद लोकप्रिय थे। मसाले ठंडे मौसम में भोजन को सुरक्षित रखने में मददगार थे, जबकि भारतीय वस्त्र संपन्न वर्ग के बीच लक्ज़री आइटम माने जाते थे।

भारत ने रूस से क्या मंगाया था?

भारत और रूस का लेन-देन एकतरफा नहीं था। भारत ने भी रूस से कई वस्तुएं आयात कीं, जिनमें शामिल थीं:

उत्तरी रूस के फर (animal skin)—जो उस समय बेहद कीमती माने जाते थे

रूसी हथियार और धातु

लकड़ी और एम्बर (Amber)

16वीं सदी में भारत के राजघरानों और व्यापारियों में रूसी फर की काफी मांग थी।

पुराना रिश्ता, मजबूत साझेदारी

भारत और रूस के बीच व्यापार और कूटनीतिक संबंध 500 साल पहले शुरू हुए और समय के साथ और मजबूत होते गए। आज भी दोनों देशों की दोस्ती वैश्विक राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखती है।

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