Saturday, February 7, 2026
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किस शुभ योग में होगा राम मंदिर का ध्वजारोहण? ऐसे पाएं घर बैठे राम लला का आशीर्वाद

Ram Mandir Ayodhya : अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दिव्य मंदिर के शिखर पर जल्द ही ध्वजारोहण होने जा रहा है। यह केवल मंदिर निर्माण के पूर्ण होने का संकेत नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, तप और प्रतीक्षा की ऐतिहासिक विजयी घड़ी भी होगा। राम मंदिर के शिखर पर यह पावन ध्वजारोहण विवाह पंचमी, यानी 25 नवंबर 2025 को सम्पन्न होगा। लाखों भक्त इस अद्भुत क्षण के साक्षी बनेंगे। यदि किसी कारण आप इस अनुष्ठान में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, तो घर पर राम लला की पूजा विशेष रूप से कैसे करें, आइए समझते हैं।

ध्वजारोहण का कार्यक्रम अभिजीत मुहूर्त में आयोजित होगा जिसका समय: दोपहर 11:52 बजे से 12:35 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसकी कुल अवधि 43 मिनट की है और यह समय अत्यंत मंगल और सिद्धि प्रदान करने वाला माना गया है।

अभिजीत मुहूर्त क्यों होता है विशेष?

ध्वजारोहण के लिए अभिजीत मुहूर्त का चयन इसलिए ज़रूरी माना जाता है, क्योंकि इसे दिवस का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त माना गया है। यह दिन के आठवें मुहूर्त का मध्य भाग होता है। मान्यता है कि इस समय आरंभ किया गया कार्य अवश्य सफल होता है। आपको बता दें कि राम मंदिर का भूमि पूजन और प्राण-प्रतिष्ठा भी इसी मुहूर्त में किए गए थे। वहीं, अभिजीत मुहूर्त में ध्वजारोहण का उद्देश्य यह है कि भगवान श्रीराम की कृपा सब पर बनी रहे और दुनिया में रामराज्य के आदर्शोंधर्म, न्याय, करुणा और सत्यकी पुनर्स्थापना हो।

घर पर ऐसे करें राम लला की पूजा

यदि आप खुद अयोध्या नहीं पहुँच पा रहे, तो घर में इस तरह पूजा करके आप भी इस महाघटना से जुड़ सकते हैं:

  1. सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और मन को शांत करें।
  2. अपने घर के मंदिर में राम लला की मूर्ति या तस्वीर को श्रद्धा से स्थापित करें।
  3. हाथ में थोड़ा जल लेकर इस ऐतिहासिक ध्वजारोहण के अवसर पर सुख-शांति, समृद्धि और धर्म की वृद्धि का संकल्प लें।
  4. भगवान को चंदन, रोली, कुमकुम, पीले या लाल फूल, तुलसी दल और मिठाई भेंट करें।
  5. श्रीराम नाम का जाप करें
    • श्री राम जय राम जय जय राम”, या
    • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
      कम से कम 108 बार।
  6. शाम के समय घर के मंदिर और मुख्य द्वार पर घी के दीपक जलाएं।
    यह दीपक, अयोध्या में फहराए जाने वाले धर्म ध्वज की खुशी का प्रतीक होंगे।
  7. यदि संभव हो, घर की छत या मंदिर पर केसरिया ध्वज लगाएं और उसकी सरल पूजा करें।

इस प्रकार, दूर होते हुए भी आप इस अद्भुत ऐतिहासिक क्षण को अपने घर में साकार कर सकते हैं।

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