चंडीगढ़ नगर निगम ने खुले में कूड़ा फेंकने वालों के घरों पर ढोल बजाकर कचरा लौटाने की अपनी विवादित योजना को वापस ले लिया है। हालांकि, ऐसे लोगों पर जुर्माना लगाने की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। इस निर्णय की घोषणा तब की गई जब निगम के इस कदम को लेकर नागरिकों में असंतोष बढ़ने लगा और कई जगहों पर विरोध के हालात बन गए। बढ़ते विवाद को देखते हुए निगम को यह आदेश रद्द करना पड़ा, लेकिन कचरा फैलाने पर आर्थिक दंड वसूला जाता रहेगा।
कांग्रेस नेता का अनोखा विरोध
बुधवार (19 नवंबर) को चंडीगढ़ कांग्रेस नेता ममता डोगरा ने डडूमाजरा डंपिंग साइट से कूड़ा उठाकर, ढोल-नगाड़ों के साथ सीधे मेयर हरप्रीत कौर बबला के घर पहुंचकर अनोखे तरीके से विरोध जताया। उनके साथ आम लोगों ने भी इस निर्देश पर आपत्ति जताई और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
ममता डोगरा का कहना था कि नगर निगम खुद कई इलाकों से समय पर कचरा नहीं उठाता और घर-घर कूड़ा संग्रह करने वाली टीमें भी कई बार नहीं आतीं, लेकिन फिर भी निगम आम नागरिकों को ही शर्मिंदा करने वाली कार्रवाई कर रहा था। इस जनविरोध के चलते निगम को अपना आदेश वापस लेना पड़ा।
मेयर हरप्रीत कौर बबला का बयान
मेयर हरप्रीत कौर बबला ने स्पष्ट किया कि ढोल बजाकर कचरा वापस घर पहुंचाने की पहल अब रद्द कर दी गई है, परंतु खुले में कूड़ा फेंकने वालों पर जुर्माना लगाया जाता रहेगा। उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ रखने की भावना से यह कदम उठाया गया था, लेकिन जनता की तीखी प्रतिक्रिया को देखते हुए इसे वापस लेने का निर्णय करना पड़ा। साथ ही, निगम ने ऐसे मामलों की जानकारी देने के लिए एक वॉट्सऐप नंबर भी जारी किया है।



