SCO शिखर सम्मेलन 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक साथ मंच पर नजर आए, जहां मोदी ने पुतिन को गले लगाते हुए गर्मजोशी दिखाई।
सम्मेलन की प्रमुख झलकियां
गले लगना और गर्मजोशी: सोमवार को तिआनजिन, चीन में आयोजित SCO बैठक के दौरान मोदी और पुतिन ने सार्वजनिक रूप से गले मिलकर दोस्ताना संबंधों का संकेत दिया। यह मुलाकात उनके द्विपक्षीय बैठक से कुछ ही घंटे पहले हुई।

नेताओं की बातचीत: मोदी, पुतिन और जिनपिंग ने बैठक के दौरान हाथ मिलाए, मुस्कुराए और बातचीत की, जिससे भारत, रूस और चीन के रिश्ते सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ते दिखाई दिए।
भारत-चीन संबंधों की चर्चा: मोदी और जिनपिंग के बीच अलग से मुलाकात में व्यापार संबंधों, सीमा विवाद और क्षेत्रीय शांति पर बात हुई। दोनों ने मतभेदों को विवाद में न बदलने की बात की और सहयोग की आवश्यकता जताई।
SCO सम्मेलन का महत्व
10 सदस्य देशों की भागीदारी: यह सम्मेलन SCO का अब तक का सबसे बड़ा आयोजन माना जा रहा है, जिसमें 20 से ज्यादा देशों के नेता व 10 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख शामिल हुए।
भूराजनीतिक संदेश: मोदी-पुतिन की गर्मजोशी और जिनपिंग के साथ बातचीत ने वैश्विक मंच पर भारत-रूस-चीन की एकता और सहयोग का संदेश दिया, खासकर अमेरिका के व्यापारिक तनावों के संदर्भ में।
प्रमुख तस्वीरें और सोशल मीडिया
मोदी और पुतिन की गले लगने वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिनमें दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत और राजनयिक संबंधों की गरिमा दिखती है।



