पंजाब में नशे की समस्या को रोकने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की है कि राज्य की सीमाओं पर नशे के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए 5,000 होमगार्ड तैनात किए जाएंगे। ये होमगार्ड सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि नशे की तस्करी को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।
पंजाब सरकार ने नशे की समस्या को समाप्त करने के लिए तीन महीने की समय सीमा निर्धारित की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान न केवल पुलिस के माध्यम से बल्कि समाज के सभी स्तरों पर जन आंदोलन के रूप में चलाया जाएगा। इसके तहत विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें स्थापित की जाएंगी ताकि नशे से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे स्कूलों और कॉलेजों में नशे की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाएं। इसके अलावा, नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्तियों को जब्त करने और अवैध संपत्तियों को ध्वस्त करने का भी आदेश दिया गया है। भगवंत मान ने कहा कि नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए वाहनों की सख्ती से जांच की जाएगी।
पंजाब सरकार ने हाल ही में 2.36 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जिसमें मादक पदार्थों की समस्या से निपटने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि राज्य में पहली बार मादक पदार्थों से संबंधित गणना की जाएगी, जिससे नशे की व्यापकता और नशा मुक्ति केंद्रों का उपयोग समझा जा सकेगा।



