अयोध्या के राम मंदिर में अब रोज रामलला का सूर्य तिलक किया जाएगा, जिसकी शुरुआत 6 अप्रैल, 2025 को रामनवमी के दिन होगी। यह निर्णय मंदिर निर्माण समिति द्वारा लिया गया है और इसे देशभर में लाइव प्रसारित किया जाएगा।
स्थायी व्यवस्था: रामलला के सूर्य तिलक की स्थायी व्यवस्था अगले 20 वर्षों तक की जाएगी। यह प्रक्रिया वैज्ञानिक तरीके से तैयार की गई है, जिसमें दर्पण और लेंस का उपयोग किया जाएगा ताकि सूर्य की किरणें सीधे रामलला के मस्तक पर पहुंच सकें।
निर्माण कार्य: मंदिर का निर्माण कार्य दिसंबर 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है। इस दौरान, राम दरबार की स्थापना भी की जाएगी, जो मई के पहले पखवाड़े में होगी।
विशेष योग: रामनवमी पर सूर्य तिलक के दौरान कई शुभ योग और ग्रहों का संयोग बनेगा, जो त्रेतायुग में भगवान राम के जन्म के समय जैसा होगा।
इस प्रकार, अयोध्या में रामलला का सूर्य तिलक एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक घटना बनकर उभरेगा, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखेगा।



