दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के बाद आज से शुरू हुए पहले विधानसभा सत्र के पहले दिन ही नया विवाद खड़ा हो गया। इस दौरान नवनिर्वाचित 70 विधायकों ने शपथ ग्रहण किया और विधानसभा अध्यक्ष का भी चुनाव संपन्न हुआ। हालांकि, सत्र की शुरुआत के साथ ही आम आदमी पार्टी (आप) और भाजपा के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
आप ने लगाए गंभीर आरोप
विपक्ष की नेता और आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी ने भाजपा सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय से डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर और शहीद भगत सिंह की तस्वीरें हटा दी गई हैं। उन्होंने इसे स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माता के प्रति भाजपा की असंवेदनशीलता करार दिया।
आतिशी ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान सीएम कार्यालय में इन महापुरुषों की तस्वीरें लगाई गई थीं, ताकि दिल्ली सरकार संविधान और देश के शहीदों के आदर्शों के अनुसार काम करे। लेकिन सत्ता में आते ही भाजपा सरकार ने इन प्रतीकों को हटाकर अपनी विचारधारा को थोपने की कोशिश की है।
भाजपा की सफाई
इस विवाद पर भाजपा सरकार की ओर से भी प्रतिक्रिया आई। सरकार ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया और कहा कि कार्यालय में बदलाव एक सामान्य प्रक्रिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार बाबा साहेब अंबेडकर और भगत सिंह का पूरा सम्मान करती है और उनके विचारों पर भी काम कर रही है।



