प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपना जवाब दिया। अपने रिकोर्ड 92 मिनट के इस संबोधन में उन्होंने सरकार की सबका साथ, सबका विकास नीति पर जोर दिया और कांग्रेस पर तीखे हमले किए।
अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने बाबा साहेब अंबेडकर, आरक्षण, यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC), आदिवासी समुदाय, दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर, नारी शक्ति और आपातकाल का उल्लेख किया। उन्होंने विपक्ष और कांग्रेस को घेरने के लिए कविताओं का भी सहारा लिया।
पीएम मोदी कहा कि उनकीरकार सभी वर्गों के कास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होे कहा, “हमारा एजेंडा सबका साथ, सबका विकास है, लेकिन कांग्रेस से यह अपेक्षा करना बड़ी गलती होगी।”
कांग्रेस पर तीखा प्रहार
प्रधानमंरी ने कांग्रेस पर पवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी केवल परिवार तक सीमित रह गई है, जिससे ‘सबका साथ, सबका विकास’ की उम्मीद करना व्यर्थ है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस की राजनीति का मंत्र हमेशा दूसरे की लकीर छोटी करना रहा। इसके कारण उन्होंनकारों को अस्थिर किया।”
बाबासाहेब अंबेडकर और आरक्षण का उल्लेख
प्रधानमी ने अपने भाषण में डॉ. भीमराव अंबेडकर का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उन्होंीवनभर बाबासाहेब का अपमान किया और आज मजबूरी में ‘जय भीम’ का नारा लगा रहे हैंउन्होंने कहा, “हमारसरकार ने SC और ST एक्ट को मजबूत बनाकर दलित और आदिवासी समाज कसम्मान और सुरक्षा के संबंध में अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है।”
विपक्ष पर कविताओं के माध्यम से कटाक्ष
पधानमंत्री ने विपक्षरिशाना साधते हुए कविताओं का सहारा लिया। उन्होंने कहा, “तमाशा करने वालों को क्या खबर, हमने कितने तूफानों को पार कर दीया जलाया है।” यह टिप्पणी विपक्ष नेताओं पर थी जो सरकार की नीतियों की आलोचना करते हैं।
नारी शक्ति, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर और आपातकाल का जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में नारी शक्ति, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर समुदाय और आपातकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए काम किया है और आपातकाल के दौरान कांग्रेस द्वारा किए गए अत्याचारों को भी याद दिलाया।



