प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के बजट सत्र के चौथे दिन राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के जवाब में लगभग 1 घंटे 35 मिनट का भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने सरकार की उपलब्धियों, गरीबों के लिए उठाए गए कदमों, देश की आर्थिक प्रगति और विपक्ष के आरोपों पर करारा जवाब दिया।
सरकार की प्रमुख उपलब्धियाँ
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर जोर दिया, जिनसे करोड़ों भारतीयों को लाभ हुआ है। उन्होंने बताया कि फ्री राशन योजना के तहत करोड़ों परिवारों को राहत दी गई, जिससे उनके मासिक खर्च में बड़ी बचत हुई है।
इसके अलावा, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा अपनाने वाले परिवारों को सालाना 25,000 से 30,000 रुपये की बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास पर भी सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। जहां 2013-14 में इस क्षेत्र के लिए मात्र 1.80 लाख करोड़ रुपये का बजट था, वह अब बढ़कर 11 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने 4 करोड़ गरीबों को पक्के घर उपलब्ध कराए हैं, जिससे उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने 5 वर्षों में 12 करोड़ परिवारों को नल से स्वच्छ जल उपलब्ध कराया है, जबकि आज़ादी के 75 साल बाद तक भी 75% घरों में यह सुविधा नहीं थी।
विपक्ष पर करारा हमला
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी की ‘बोरिंग भाषण’ टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि जो लोग फोटो सेशन और विदेशी दौरों में व्यस्त रहते हैं, उन्हें गरीबों के मुद्दे बोरिंग लगते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सोच सिर्फ परिवारवाद तक सीमित है, जबकि उनकी सरकार गरीबों और आम जनता के लिए काम कर रही है। विपक्ष की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग ‘स्टाइलिश टावर’ और ‘लक्जरी जकूजी’ की चर्चा करते हैं, उन्हें जल जीवन मिशन के तहत हर घर में नल से जल पहुंचाने की परवाह नहीं है।
कर प्रणाली में सुधार
प्रधानमंत्री ने कर सुधारों पर बात करते हुए बताया कि उनकी सरकार ने 2 लाख रुपये तक की कर-राहत सीमा को बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दिया है। स्टैंडर्ड डिडक्शन जोड़ने के बाद, सैलरीड क्लास के लिए 13 लाख रुपये तक की आय पर कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य करदाताओं पर बोझ कम करना और कर प्रणाली को सरल बनाना है। यह नीतियां मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी राहत लाने वाली हैं।
संविधान और लोकतंत्र की रक्षा पर जोर
पीएम मोदी ने अपने भाषण में संविधान और लोकतंत्र की रक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि गुजरात के 50 वर्षों के राज्यपालों के भाषणों को संकलित करके एक पुस्तक बनाई गई है, जिससे संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की नीति पर आगे बढ़ रही है।



