Sunday, February 8, 2026
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Kho-Kho World Cup: भारत की ऐतिहासिक जीत, महिला और पुरुष टीमों ने नेपाल को रौंदा

भारतीय खो खो टीमों ने 19 जनवरी 2025 को खो खो वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए नेपाल को हराकर पहले विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। यह टूर्नामेंट नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया गया, जहां भारतीय महिला और पुरुष दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया।

महिला टीम की जीत

भारतीय महिला खो खो टीम ने फाइनल में नेपाल को 78-40 से हराकर अपना पहला विश्व खिताब जीता। कप्तान प्रियंका इंगले की अगुवाई में, भारतीय महिला टीम ने पहले टर्न से ही अपनी ताकत दिखाई। उन्होंने पहले टर्न के अंत तक 34-0 की बढ़त बना ली। नेपाल की टीम ने जब आक्रमण किया, तो उन्होंने स्कोर को 35-24 तक पहुंचाया, लेकिन भारतीय महिलाओं ने तीसरे टर्न में फिर से अपनी बढ़त बढ़ा दी।

चैत्रा बी और दीपा बीके जैसे खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण अंक जुटाए, जिससे भारत की जीत सुनिश्चित हुई। अंतिम टर्न में, भारतीय डिफेंडर्स ने नेपाल के खिलाड़ियों को अंक बनाने का कोई मौका नहीं दिया, और अंततः भारत ने 78-40 के स्कोर से मैच जीत लिया। इस जीत के साथ, भारतीय महिला टीम पूरे टूर्नामेंट में अपराजित रही और अपने देश का नाम रोशन किया।

पुरुष टीम की सफलता

महिला टीम के बाद, भारतीय पुरुष खो खो टीम ने भी फाइनल में नेपाल को 54-36 से हराकर खिताब जीता। पुरुषों की टीम ने भी शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। पहले टर्न के अंत तक उन्होंने 20-10 की बढ़त बना ली थी। नेपाल की टीम ने कुछ अंक जोड़े, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अपने डिफेंस को मजबूत रखते हुए दूसरी और तीसरी टर्न में बढ़त बनाए रखी।

अंतिम टर्न में भी भारतीय पुरुष टीम ने अपनी लय बनाए रखी और मैच को 54-36 से समाप्त किया। यह जीत भारतीय पुरुष खो खो टीम के लिए भी एक ऐतिहासिक क्षण था, क्योंकि उन्होंने पहली बार विश्व चैंपियनशिप खिताब जीता।

एक साथ दो खिताब

इस टूर्नामेंट में भारत की दोनों टीमों का प्रदर्शन शानदार रहा। महिला टीम ने ग्रुप चरणों में दक्षिण कोरिया, ईरान और मलेशिया पर शानदार जीत दर्ज की थी, जबकि पुरुष टीम ने भी अपने सभी मैच जीते। दोनों टीमों का यह प्रदर्शन न केवल खिलाड़ियों की मेहनत को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि भारतीय खो खो खेल में एक नई ऊंचाई पर पहुंच चुका है।

इस सफलता ने साबित कर दिया है कि भारतीय खिलाड़ी किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। दोनों टीमों की इस ऐतिहासिक जीत ने खेल जगत में एक नई प्रेरणा दी है और युवा खिलाड़ियों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया है। अब सभी की नजरें आगामी प्रतियोगिताओं पर हैं, जहाँ वे अपनी सफलता को और आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।

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