Friday, February 6, 2026
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HMPV वायरस की भारत में दस्तक, कर्नाटक में 3 और 8 महीने के बच्चों में मिला संक्रमण

कोरोना के बाद अब एक और नए जानलेवा वायरस ने पूरे विश्न में दहशत फैला दी है। चीन में फैले नए वायरस HMPV की लगातार बढ़ती महामारी के बीच भारत में ह्यूमन मेटाप्रूएमोवायरस (HMPV) के 2 केस दर्ज किए गए हैं। सोमवार को 3 महीने की बच्ची में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) नाम का संक्रमण मिला। इससे पहले 8 महीने के बच्चे में यही वायरस मिला था। दोनों बच्चे बेंगलुरु के एक अस्पताल में भर्ती हैं। यह मामला बेंगलुरु के एक प्राइवेट हॉस्पिटल से सामने आया है, जहां 8 महीने का एक बच्चा इस वायरस से संक्रमित पाया गया है। चीन और अन्य देशों में तेजी से फैलने वाले इस वायरस की भारत में पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और विशेषज्ञों में चिंता बढ़ गई है।

लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि संक्रमित बच्चे की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है, ऐसे में बच्चे ने चीन या किसी अन्य देश की यात्रा नहीं की है। रिपोट्स के मुताबिक हॉस्पिटल की लैब में हुई जांच में बच्चे के शरीर में एचएमपीवी वायरस की पुष्टि हुई है. इसकी जानकारी कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र सरकार को दे दी है.


HMPV: क्या है यह वायरस?

HMPV एक रेस्पिरेटरी वायरस है जो श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। यह वायरस सामान्यत: बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों पर अधिक प्रभाव डालता है। इसके लक्षण फ्लू जैसे होते हैं, जिसमें खांसी, बुखार, गले में खराश, नाक बहना और सांस लेने में दिक्कत शामिल हैं। गंभीर मामलों में यह निमोनिया और ब्रोंकियोलाइटिस का कारण बन सकता है।

कैसे होता है संक्रमण?

यह वायरस आमतौर पर संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से फैलता है। संक्रमित सतहों को छूने और फिर अपने चेहरे को छूने से भी संक्रमण हो सकता है। चीन और अन्य देशों में इस वायरस के मामलों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिससे इसकी संक्रामकता को लेकर चिंता जताई जा रही है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह विशेषज्ञों का मानना है कि HMPV के खिलाफ कोई विशेष वैक्सीन या एंटीवायरल दवा उपलब्ध नहीं है। इससे बचाव के लिए स्वच्छता का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

  • हाथ धोने की आदत: साबुन और पानी से हाथ धोएं।
  • चेहरे को छूने से बचें: खासकर आंख, नाक और मुंह।
  • भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनें।
  • संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाए रखें।

सरकार की प्रतिक्रिया

भारत सरकार और स्थानीय स्वास्थ्य एजेंसियां इस मामले की गहन जांच कर रही हैं। संक्रमित बच्चे का इलाज एक विशेष आइसोलेशन वार्ड में किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने वायरस की रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

चिंता का कारण

हालांकि HMPV नया नहीं है, लेकिन भारत में इसका पहला मामला सामने आना इस बात की ओर इशारा करता है कि वैश्विक स्वास्थ्य खतरों पर सतर्कता जरूरी है। यह वायरस कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में भारत सरकार एक खतरनाक वायरस को लेकर अलर्ट मोड पर है।

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